Wednesday, October 21st, 2026

सनसनी न फैलाएं,को-वैक्सीन पर सिंहदेव के पत्र का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भेजा जवाब


रायपुर। को-वैक्सीन का टीकाकरण रोकने के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पत्र पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने जवाब भेजा है जिसमें लिखा गया है कि  वे राज्य में बहुत कम टीकाकरण होने के मसले से ध्यान हटाने के लिए बेमतलब सनसनी न फैलाएं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह कहा कि कोवैक्सीन को लेकर तब से ही आपत्ति जताया जा रहा है, जब तीन जनवरी को कोवैक्सीन को देश में इमरजेंसी यूज आॅर्थराइजेशन की मंजूरी (ईयूए) मिली थी। इस वैक्सीन का अभी तीसरे चरण का परीक्षण पूरा होना बाकी है और इसका उपयोग देशव्यापी कोविड टीकाकरण अभियान में क्लीनिकल ट्रायल के तौर पर किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि टीकाकरण के मामले में छत्तीसगढ़ बहुत पीछे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 69.87 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन का पहला डोज मिल चुका है, फिर भी अब तक राज्य के 2,09,512 फ्रंटलाइन वर्कर्स में से केवल 9.55 प्रतिशत को ही पहला वैक्सीन डोज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में टीकों की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई की गई है। लिहाजा, टीएस सिंहदेव बिना मुद्दों के सनसनी फैलाने की बजाय अपने राज्य में टीकाकरण अभियान की गति बढ़ाने पर ध्यान दें। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शीशियों पर एक्सपायरी डेट न होने के दावे को भी खारिज कर दिया। उन्होंने लेबल लगी हुई शीशी का फोटो संलग्न करते हुए लिखा, कोवैक्सीन की शीशी पर एक्सपायरी डेट न होने की चिंता भी निराधार है।

चिंताओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता-सिंहदेव
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के इस पत्र के जवाब में टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन के संबंध में उनकी चिंताएं वास्तविक हैं और इसे किसी भी परिस्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता। जब तक यह परीक्षण के तीसरे चरण को पूरा नहीं कर लिया जाता और इसकी रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हो जाती है, तब तक नियमित उपयोग के लिए यह टीका कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है? सिंहदेव ने कहा, जब दुनिया क्षमता और क्रियान्वयन में अधिक प्रभावी और कुशल टीकाकरण विकल्पों की दिशा में आगे बढ़ रही है तो क्या जन सामान्य की थोड़ी सी भी शंका को नजरअंदाज करते हुए प्रक्रिया में भाग लेना बुद्धिमानी है।

 

Source : Agency

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